संस्कृत विश्वविद्यालय के बहुउद्देश्यीय भवन में व्याकरण विभाग की ओर से वृद्धिरादैच सूत्र पर आयोजित कार्यशाला में प्रोवीसी प्रो. चन्द्रेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि पाणिनी के सूत्र आज भी पूर्व की भांति ही प्रासंगिक हैं।from Jagran Hindi News - bihar:darbhanga https://ift.tt/2TolVFM
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